नामांतरण प्रक्रिया (Land Mutation) ⏱️ 6 मिनट पढ़ें 📅 अंतिम संशोधन: 2026-09-29

छत्तीसगढ़ में जमीन का नामांतरण (Mutation) कैसे कराएं? पटवारी व तहसीलदार ऑनलाइन प्रक्रिया

रजिस्ट्री केवल आधा काम है, असली मालिकाना हक नामांतरण (दाखिल-खारिज) होने पर मिलता है। जानिए छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री के बाद B-1 में अपना नाम दर्ज कराने की समय-सीमा, नियम और पूरी प्रक्रिया।

✅ प्रमुख बिंदु एवं त्वरित चेकलिस्ट (Key Takeaways)

  • लागू धारा: CG Land Revenue Code Section 109 & 110
  • समय सीमा: सामान्यतः 30 से 45 कार्यदिवस
  • सार्वजनिक आपत्ति अवधि: 15 दिन
  • अंतिम प्रमाण: भुइयां B-1 में नए क्रेता का नाम व नया खाता नंबर

1. नामांतरण (Mutation / दाखिल-खारिज) क्या है और यह क्यों जरूरी है?

नामांतरण का सरल अर्थ है — शासकीय राजस्व अभिलेख (B-1 खतौनी) से पुराने भूमि स्वामी (विक्रेता) का नाम हटाकर (खारिज कर) नए खरीदार का नाम विधिवत दर्ज करना (दाखिल करना)।

जब तक नामांतरण नहीं होता:

  • जमीन का किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) या बैंक लोन नए खरीदार को नहीं मिल सकता।
  • धान विक्रय टोकन (Dhan Kharidi Token) पुराने मालिक के नाम से ही निकलता रहेगा।
  • जमीन पर कोई सरकारी मुआवजा मिलने की स्थिति में पुराना मालिक ही दावा कर सकता है।
  • अतः रजिस्ट्री के 30 दिनों के भीतर नामांतरण आदेश प्राप्त करना अनिवार्य है।

2. छत्तीसगढ़ में स्वतः नामांतरण (Auto-Mutation System)

छत्तीसगढ़ सरकार ने रजिस्ट्री और भुइयां पोर्टल को जोड़कर स्वतः नामांतरण (Auto-Mutation) की व्यवस्था शुरू की है। जैसे ही उप-पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्री पंजीकृत होती है, सॉफ्टवेयर द्वारा अपने आप संबंधित तहसीलदार न्यायालय के ई-कोर्ट (E-Court Revenue) पोर्टल पर नामांतरण प्रकरण (Case Number) दर्ज हो जाता है।

3. नामांतरण न्यायालयीन प्रक्रिया: 4 महत्वपूर्ण चरण

  1. प्रकरण दर्ज होना व इश्तेहार जारी: प्रकरण दर्ज होते ही 15 दिनों का सार्वजनिक सूचना (इश्तेहार) जारी किया जाता है और ग्राम पंचायत के सूचना पटल पर चस्पा किया जाता है ताकि किसी को आपत्ति हो तो दर्ज करा सके।
  2. पटवारी जांच व फील्ड रिपोर्ट: हल्का पटवारी मौके पर जाकर भौतिक कब्जे की पुष्टि करता है और अपनी रिपोर्ट तहसीलदार को प्रस्तुत करता है।
  3. पेशी व आदेश: आपत्ति न आने की स्थिति में तहसीलदार महोदय नामांतरण आदेश (Order Sheet) पारित करते हैं।
  4. भुइयां अद्यतन (Bhuiyan Update): आदेश के आधार पर ऑपरेटर भुइयां सॉफ्टवेयर में इंद्राज करता है और नए खरीदार के नाम से नया B-1 व ऋण पुस्तिका जनरेट हो जाती है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)

यदि नामांतरण में कोई आपत्ति लगा दे तो क्या करें?

यदि कोई सह-खातेदार या अन्य पक्ष आपत्ति लगाता है, तो प्रकरण "विवादित नामांतरण" बन जाता है। तब तहसीलदार दोनों पक्षों के साक्ष्य और दस्तावेज देखकर गुण-दोष के आधार पर निर्णय करते हैं।

नामांतरण की स्थिति ऑनलाइन कैसे चेक करें?

आप छत्तीसगढ़ ई-कोर्ट राजस्व पोर्टल (revnue.cg.nic.in) पर अपने जिले, तहसील और केस नंबर या ग्राम के नाम से नामांतरण की लाइव स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।

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अचल संपदा विधिक एवं राजस्व अनुसंधान प्रकोष्ठ

यह लेख छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 एवं राज्य राजस्व विभाग के नवीनतम नियमों के आधार पर आम नागरिक की विधिक जागरूकता हेतु तैयार किया गया है।