राजस्व रिकॉर्ड (Land Records) ⏱️ 6 मिनट पढ़ें 📅 अंतिम संशोधन: 2026-09-29

छत्तीसगढ़ भुइयां पोर्टल से B-1 खसरा और P-II खतौनी कैसे निकालें? (Bhuiyan CG Online Guide)

छत्तीसगढ़ में जमीन का कोई भी सौदा करने से पहले भुइयां पोर्टल (Bhuiyan) से B-1 और P-II निकालना पहली कानूनी अनिवार्यता है। इस गाइड में जानें कि घर बैठे 5 मिनट में डिजिटल हस्ताक्षरित खसरा रिकॉर्ड कैसे डाउनलोड करें।

✅ प्रमुख बिंदु एवं त्वरित चेकलिस्ट (Key Takeaways)

  • आधिकारिक पोर्टल: bhuiyan.cg.nic.in
  • आवश्यक जानकारी: जिला, तहसील, ग्राम एवं खसरा नंबर
  • दस्तावेज प्रकार: B-1 (स्वामित्व व बंधक) एवं P-II (फसल व रकबा विवरण)
  • डिजिटल हस्ताक्षर एवं QR कोड युक्त होना अनिवार्य

1. भुइयां (Bhuiyan) पोर्टल क्या है और इसकी महत्ता क्या है?

छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा संचालित भुइयां (Bhuiyan) पोर्टल राज्य के सभी 33 जिलों की समस्त कृषि एवं गैर-कृषि भूमियों का केंद्रीय डिजिटल भू-अभिलेख डेटाबेस है।

जमीन की खरीद-बिक्री में फर्जीवाड़े, दोहरे विक्रय और अनाधिकृत अंतरण को रोकने के लिए वर्ष 2020 के बाद से सभी उप-पंजीयक (Sub-Registrar) कार्यालयों को भुइयां पोर्टल के साथ ऑनलाइन एकीकृत (Integrated) कर दिया गया है। इसका अर्थ यह है कि बिना भुइयां सत्यापन के छत्तीसगढ़ में किसी भी जमीन की रजिस्ट्री संभव नहीं है।

2. B-1 (खतौनी) और P-II (खसरा) में क्या अंतर है?

अक्सर जमीन खरीदार B-1 और P-II में भ्रमित हो जाते हैं। दोनों की भूमिका समझना अति आवश्यक है:

  • B-1 (किश्तबंदी खतौनी - Kishtabandi Khatoni): यह खातेदार (भूमि स्वामी) के नाम का मुख्य खाता रिकॉर्ड होता है। इसमें खातेदार का पूरा नाम, पिता/पति का नाम, जाति/वर्ग, धारित कुल खसरों की सूची, कुल रकबा (हेक्टेयर/एकड़ में), निर्धारित वार्षिक भू-राजस्व (लगान) और सबसे महत्वपूर्ण — कैफियत कॉलम (Remarks Column) होता है। कैफियत में यह दर्ज होता है कि क्या जमीन किसी बैंक में बंधक (Mortgage) है, या इस पर कोई सरकारी रोक/न्यायालयी स्थगन (Stay Order) तो नहीं है।
  • P-II (खसरा प्रपत्र - Khasra Form): यह किसी विशिष्ट खसरा नंबर (जैसे खसरा नं. 142/1) का विस्तृत वार्षिक ब्यौरा होता है। इसमें जमीन का प्रकार (सिंचित/असिंचित), मिट्टी की किस्म, चालू वर्ष में बोई गई फसल, सिंचाई साधन (नहर/बोरवेल), सड़क पहुंच, पेड़-पौधे और कब्जे की स्थिति दर्ज होती है।

3. ऑनलाइन B-1 और P-II डाउनलोड करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

छत्तीसगढ़ भुइयां पोर्टल से डिजिटल हस्ताक्षरित दस्तावेज प्राप्त करने के लिए निम्न चरणों का पालन करें:

  1. आधिकारिक पोर्टल खोलें: ब्राउज़र में bhuiyan.cg.nic.in पर जाएं।
  2. नागरिक सेवा में जाएं: मुख्य मेनू में "डिजिटल हस्ताक्षरित खतौनी (B-I) / खसरा (P-II)" विकल्प पर क्लिक करें।
  3. स्थान चुनें: अपना जिला (जैसे: Surajpur), तहसील (जैसे: Bhaiyathan), राजस्व निरीक्षक मंडल (RI Circle) और ग्राम (Village) का चयन करें।
  4. खोज विकल्प चुनें: आप खसरा वार (खसरा क्रमांक डालकर) या नाम वार (भूमि स्वामी के नाम से) खोज सकते हैं।
  5. दस्तावेज देखें: स्क्रीन पर भूमि स्वामी का विवरण आने पर B-I या P-II बटन पर क्लिक करें। आपके फोन या कंप्यूटर पर QR कोड और डिजिटल हस्ताक्षर युक्त PDF डाउनलोड हो जाएगी।

4. B-1 डाउनलोड करने के बाद इन 5 बातों की अवश्य जांच करें

⚠️ महत्वपूर्ण सुरक्षा जांच सूची:

  • कॉलम 12 (कैफियत): यदि यहां किसी बैंक (जैसे SBI, CGGB, PNB) का नाम दर्ज है, तो इसका अर्थ है कि जमीन बंधक है। जब तक बैंक से NOC (No Objection Certificate) न मिले, रजिस्ट्री न कराएं।
  • भूमि धारक की जाति/वर्ग: यदि विक्रेता अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से है, तो धारा 170-ख के प्रावधान अनिवार्य रूप से लागू होंगे।
  • सह-खातेदार (Joint Owners): यदि B-1 में एक से अधिक नाम दर्ज हैं, तो सभी सह-खातेदारों की सहमति व रजिस्ट्री में उपस्थिति अनिवार्य होगी।
  • डिजिटल हस्ताक्षर की वैधता: दस्तावेज़ के निचले हिस्से में पटवारी/तहसीलदार का डिजिटल हस्ताक्षर व जारी दिनांक अवश्य जांचें। रिकॉर्ड 3 महीने से अधिक पुराना न हो।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)

क्या भुइयां पोर्टल से डाउनलोड किए गए B-1 की कानूनी मान्यता है?

हाँ, भुइयां पोर्टल से जारी डिजिटल हस्ताक्षरित B-1 और P-II सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 एवं छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता के अंतर्गत कानूनी रूप से पूर्णतः मान्य हैं और बैंक लोन व रजिस्ट्री में स्वीकार किए जाते हैं।

यदि B-1 में कैफियत कॉलम में बैंक बंधक लिखा है तो क्या रजिस्ट्री हो सकती है?

नहीं। जब तक भूमि स्वामी बैंक का समस्त बकाया ऋण चुकता कर बैंक से भारमुक्ति प्रमाणपत्र (No Due Certificate) प्राप्त नहीं कर लेता और तहसीलदार द्वारा कैफियत से भार विलोपित नहीं कर दिया जाता, तब तक रजिस्ट्री नहीं कराई जानी चाहिए।

सूरजपुर एवं सरगुजा के ग्रामीण क्षेत्रों का B-1 कैसे मिलेगा?

सूरजपुर (सिलफिली, भैयाथान, प्रतापपुर आदि) और सरगुजा के सभी गांवों का रिकॉर्ड भुइयां पोर्टल पर ऑनलाइन 100% कंप्यूटरीकृत है। आप सीधे जिला सूरजपुर चुनकर ग्रामवार खसरा निकाल सकते हैं।

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अचल संपदा विधिक एवं राजस्व अनुसंधान प्रकोष्ठ

यह लेख छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 एवं राज्य राजस्व विभाग के नवीनतम नियमों के आधार पर आम नागरिक की विधिक जागरूकता हेतु तैयार किया गया है।